Question 11 Mark
द्रव्यमान $m _1$ तथा लम्बाई $L$ की कोई एकसमान रस्सी किसी दृढ़ टेक से ऊध्धाधर लटकी है। इस रस्सी के मुक्त सिरे से द्रव्यमान $m _2$ का कोई गुटका जुड़ा है। रस्सी के मुक्त सिरे पर तरंगदैर्घ्य $\lambda_1$ का कोई अनुप्रस्थ स्पन्द उत्पत्र किया जाता है। यदि रस्सी के शीर्प तक पहुँचने पर इस स्पन्द की तरंगदैर्घ्य $\lambda_2$ हो जाती है, तब अनुपात $\lambda_2 / \lambda_1$ का मान है :
Answer(b) चित्र से, तनाव $T _1= m _2 g$
$T _2=\left( m _1+ m _2\right) g$ हम जानते हैं
वेग $\propto \sqrt{ T }$ अत:
$
\begin{aligned}
& \lambda \propto \sqrt{ T } \\
\Rightarrow & \frac{\lambda_1}{\lambda_2}=\frac{\sqrt{ T _1}}{\sqrt{ T _2}} \\
\Rightarrow & \frac{\lambda_2}{\lambda_1}=\sqrt{\frac{ m _1+ m _2}{ m _2}}
\end{aligned}
$ View full question & answer→Question 21 Mark
एक सिरे पर बन्द तथा दूसरे सिरे पर खुला कोई वायु स्तम्भ किसी स्वरित्र द्विभुज के साथ उस समय अनुनाद करता है जब इस वायु स्तम्भ की कम-से-कम लम्बाई 50 सेमी. होती है। इसी स्वरित्र द्विभुज के साथ अनुनाद करने वाली स्तम्भ की अगली बड़ी लम्बाई है
Answer(c) बन्द आर्गन पाइप के लिए प्रथम अनुनादित लंबाई
$
L _1=\frac{\lambda}{4}=50 cm
$
$\therefore$ अगली अथवा दूसरी अनुनादित लंबाई,
$
L _2=\frac{3 \lambda}{4}=150 cm
$
View full question & answer→Question 31 Mark
$800 Hz$ आवृत्ति की ध्वनि उत्पत्र करने वाला कोई सायरन किसी प्रेक्षक से एक चट्टान की ओर $15 \ ms ^{-1}$ की चाल से गतिमान है । तब उस ध्वनि की आवृत्ति, जिसे चट्टान से परावर्तित प्रतिध्वनि के रूप में वह प्रेक्षक सुनता है, क्या होगी? $($वायु में ध्वनि की चाल $=330 \ ms ^{-1}$ लीजिए$)$
Answer$(c)$ ध्वनि में डॉपलर प्रभाव के अनुसार आभासी आवृत्ति,

$ n ^{\prime}=\frac{ v }{ v - v _{ s }} n _0$
$=\frac{330}{330-15}(800)$
$=\frac{330 \times 800}{315}$
$=838 Hz $
प्रेक्षक द्वारा सुनी गयी प्रतिध्वनि की आवृत्ति $838 Hz$. View full question & answer→Question 41 Mark
एक डोरी दो स्थिर बिन्दुओं के बीच खिची है। इन बिन्दुओं के बीच की दूरी $75.0 cm$ है। इस डोरी की दो अनुनाद आवृत्तियाँ $420 Hz$ तथा $315 Hz$ है। इन दोनो के बीच में कोई अन्य अनुनाद आवृत्ति नहीं है, तो इस डोरी के लिए न्यूनतम अनुनाद आवृत्ति है
Answer(c) तनी हुई डोरी में आवृत्ति के सभी गुणक प्राप्त किए जा सकते है अर्थात, यदि मौलिक आवृत्ति $n$ है, तो उच्च आवृत्ति $2 n , 3 n , 4 n \ldots$ होगी ।
अतः दो क्रमिक आवृत्तियों के बीच ' $n$ ' का अन्तर होगा।
प्रश्नानुसार, $n =420-315=105 Hz$ अतः डोरी की निम्नतम आवृत्ति $=105 Hz$. View full question & answer→Question 51 Mark
ट्रैफिक जैम के कारण एक मोटर साइकिल चालक अपनी चाल कम करते हुए उसे $36$ किमी प्रति घण्टे कर देता है। ट्रैफिक कम होने पर, उससे आगे $18$ किमी प्रति घण्टे की चाल से चलती हुई एक कार$, 1392$ हर्ट्ज आवृत्ति का हॉर बजाती है। यदि ध्वनि की चाल $343$ मी/ से है तो, मोटर साइकिल चालक को इस हॉर्न की आवृत्ति सुनाई देगी
Answer$(c)$ दिया है, प्रेक्षक की गति $V _0=36 \ km / h =10 m / s$
स्रोत की गति $V _{ s }=18 \ km / h =5 m / s$
$f _0=1392$ हर्ट्ज
चूंकि प्रेक्षक तथा स्रोत दोनों गतिमान हैं, अत: डॉप्लर प्रभाव से,
$ f = f _0\left(\frac{ v + v _{ o }}{ v + v _{ s }}\right)=1392$
$=1392\left[\frac{353}{348}\right]$
$\therefore f =1412$ हर्ट्ज
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यदि वायु में ध्वनि का वेग $340$ मी/से हो तो $,1250$ हर्ट्ज से कम आवृत्ति वाले 85 सेमी लम्बे एक सिरे पर बन्द नलिका $($पाइप$)$ में वायु $-$ स्तम्भ के संभव प्राकृतिक दोलनों की संख्या होगी
Answer$(d)$ एक सिरे से बन्द नलिका के लिए,
आवृत्ति $f _{ n }=(2 n +1) \frac{v}{4 l}$ यहां $n$ एक विषम संख्या है
$ =(2 n+1)\left[\frac{340}{4 \times 85 \times 10^{-2}}\right]$
$=(2 n+1) \times 100 $
अतः सम्भव प्राकृतिक दोलन जिसकी आवृति
$ <1250 Hz =6 \ ( n =0,1,2,3,4,5) $
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$100 Hz$ आवृत्ति की ध्वनि उत्पन्न करता हुआ एक ध्वनि स्त्रोत $S$ तथा एक प्रेक्षक $O$, एक दूसरे से कुछ दूरी पर स्थित हैं। यह ध्वनि स्त्रोत, $19.4 \ ms ^{-1}$ की चाल से चल रहा है। उसके चलने की दिशा, स्त्रोत तथा प्रेक्षक की रिथितियों को मिलाने वाली सरलरेखा से $60^{\circ}$ का कोण बनाती है $($आरेख देखिये$)$। यदि, प्रेक्षक अपनी रिथति पर ही रूका रहता है तो, प्रेक्षक द्वारा सुनी गई ध्वनि की आभासी आवृत्ति होगी (हवा में ध्वनि का वेग $\left.330 \ ms ^{-1}\right)$ :

Answer$(a)$ यहाँ ध्वनि की मूल आवृति $f _0=100 Hz$ स्रोत की गति $V _{ s }=19.4 \ \cos 60^{\circ}=9.7$

डाप्लर के सूत्र से
$ f ^1= f _0\left(\frac{ V - V _0}{ V - V _{ S }}\right)$
$f ^1=100\left(\frac{ V -0}{ V -(+9.7)}\right)$
$f ^1=100 \frac{ V }{ V \left(1-\frac{9.7}{ V }\right)}$
$f ^1=100\left(1+\frac{9.7}{330}\right)=103 Hz$
आभासी आवृत्ति $ f ^1=103 Hz $ View full question & answer→Question 81 Mark
यदि किसी रस्सी को तीन खंडों में विभाजित करने पर उन खंडों की मूल आवृत्तियां क्रमश: $n _1, n _2$ तथा $n _3$ हों, तो इस रस्सी की प्रारम्भिक मूल आवृति $n$ के लिए सम्बन्ध होगा
Answer(a) सम्पूर्ण तार की लम्बाई $l=l_1+l_2+l_3$
सम्पूर्ण तार के लिए $n =\frac{ v }{21}\left[\because n =\frac{1}{2 l} \sqrt{\frac{ T }{ m }}\right]$
उपरोक्त मान प्रथम विकल्प को सन्तुष्ट करेंगे।
$
\frac{1}{ n }=\frac{1}{ n _1}+\frac{1}{ n _2}+\frac{1}{ n _3}
$
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अज्ञात आवृत्ति का एक स्रोत, $250 Hz$ आवृत्ति के किसी अन्य स्रोत के साथ प्रति सेकंड 4 विस्पन्द उत्पन्न करता है। अज्ञान आवृत्ति का दूसरा संनादी ( हारमोनिक0), 513 $Hz$ आवृत्ति के स्रोत के साथ 5 विस्पन्द प्रति सेकन्ड उत्पन्न करता है। तो, अज्ञात आवृत्ति है:
Answer(d) यह ज्ञात आवृत्ति वाले स्त्रोत से ध्वनि उत्पन्न हो तो मौलिक आवृत्ति $=250 \pm 4 Hz =254 Hz$ or $246 Hz$
द्वितीय समन्वय, यदि अज्ञात आवृत्ति (कल्पित) $254 Hz =2 \times 254=508 Hz$
चूंकि यह 5 विस्पंद देता है
$
\therefore 508+5=513 Hz
$
अतः अज्ञात आवृत्ति $254 Hz$ है।
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दोनों सिरों पर खुले पाइप में कम्पनों के लिए कौन-सा कथन सही नहीं है ?
Answer(c) दोनों सिरों पर दबाव में परिवर्तन न्यूनतम होगा। वस्तुतः $\ell / 2$ पर दबाव भिन्नता अधिकतम है, क्योंकि विस्थापन नोड ही दबाव प्रतिनोड है।
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किसी स्थिर वस्तु की ओर $220 ms ^{-1}$ की चाल से चलती हुई एक ट्रेन $1000 Hz$ आवृत्ति की ध्वनि उत्पन्न करती है। इस ध्वनि का कुछ भाग उस वस्तु से टकराकर प्रतिध्वनि के रूप में वापस आ जाता है। ट्रेन के ड्राइवर द्वारा संसूचित (प्राप्त) इस प्रतिध्वनि की आवृत्ति होगी : (ध्वनि की वायु में चाल $330 ms ^{-1}$ )
Answer(c) ट्रेन के ड्राइवर द्वारा संसूचित प्रतिध्वनि की आवृति (ध्वनि में डॉप्लर का प्रभाव के अनुसार)
$
f^{\prime}=\left(\frac{v+u}{v-u}\right) f
$
जहाँ $f=$ ध्वनि स्रोत की मूल आवृत्ति
$f^{\prime}=$ ध्वनि स्रोत और स्रोता के बीच आपेक्षिक गति के कारण स्रोत की आभासी आवृति
$
f^{\prime}=\left(\frac{330+220}{330-220}\right) 1000=5000 Hz
$
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एक दूसरे के निकट स्थित ध्वनि के दो स्त्रोंतों निम्न प्रकार निरूपित प्रगामी तरंगें उत्सर्जित कर रहे है : $y_1=4 \sin 600 \pi t$ तथा $y_2=5 \sin 608 \pi t$. इन दोनों स्त्रोतों के निकट स्थित एक श्रोता को सुनाई देगा :
Answer$ 2 \pi f_1=600 \pi$
$f_1=300$
$2 \pi f_2=608 \pi$
$f_2=304$
$\left|f_1-f_2\right|=4 $ विस्पंद
$\frac{I_{\max }}{I_{\text {m.n }}}=\frac{\left(A_1+A_2\right)^2}{\left(A_1+A_2\right)^2}$
$=\frac{(5+4)^2}{(5-4)^2}=\frac{81}{1}, $
जहाँ $A_1, A_2$ दिये गए दो ध्वनि तरंगों के आयाम हैं।
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किसी स्ट्रिंग (डोरी) को $\ell_1, \ell_2$ तथा $\ell_3$ लम्बाई के तीन भागों में विभाजित करने पर उनकी मूल आवृत्तियाँ क्रमश: $v_1, v_2$ तथा $v_3$ हैं तो, स्ट्रिंग की मूल आवृत्ति होगी:
Answer(c) मूल आवृति
$
v=\frac{1}{2 l} \sqrt{\frac{T}{\mu}} \Rightarrow v \propto \frac{1}{l} \Rightarrow P \propto \frac{1}{v}
$
चूँकि, $P l_1, l_2$ तथा $l_3$ तीन भागों में विभाजित है। यहाँ $l=l_1+l_2+l_3$
अत: $\frac{1}{v}=\frac{1}{v_1}+\frac{1}{v_2}+\frac{1}{v_3}$
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किसी प्यानों के दो सर्वसम तारों का तनाव भी समान है और उसका मान $T$ है। इसकी मूल आवृत्ति $600 Hz$ है। यदि दोनों तारों के एक साथ कम्पन करने पर 6 विस्पंद प्रति सेकण्ड बने, तो तारों के तनाव में भिन्नात्मक वृद्धि होगी:
Answer(a) मूल विधा में
$
f =\frac{1}{2 \ell} \sqrt{\frac{ T }{\mu}}
$
दोनों तरफ लघुगणक लेने पर, हम पाते हैं
$
\begin{aligned}
\log f & =\log \left(\frac{1}{2 \ell}\right)+\log \left(\sqrt{\frac{ T }{\mu}}\right) \\
& =\log \left(\frac{1}{2 \ell}\right)+\frac{1}{2} \log \left(\frac{ T }{\mu}\right) \\
\log f & =\log \left(\frac{1}{2 \ell}\right)+\frac{1}{2}[\log T -\log \mu]
\end{aligned}
$
दोनों तरफ समाकलन करने पर, हम पाते हैं
$\frac{ df }{ f }=\frac{1}{2} \frac{ dT }{ T }(\therefore \ell$ एवं $\mu$ नियतांक है $)$
$
\Rightarrow \frac{ dT }{ T }=2 \times \frac{ df }{ f }
$
यहाँ $df =6$
$
\begin{array}{c}
f =600 Hz \\
\therefore \frac{ dT }{ T }=\frac{2 \times 6}{600}=0.02
\end{array}
$
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ध्वनि की तरंगे गर्म वायु में $350 m / s$ की चाल से तथा पीतल में $35000 m / s$ की चाल से चलती है, तो $700 Hz$ की ध्वनिक तरंग यदि गरम वायु से पीतल में प्रवेश करे तो उसकी तरंगदैर्ध्य:
Answer(c) हम जानते हैं, $v = n \lambda$
$\Rightarrow v \propto \lambda \quad( n$ नियत है)
अतः $v$ के दस गुने बढ़ने से $\lambda$ भी दस गुना बढ़ा जाता है।
View full question & answer→Question 161 Mark
$512 Hz$ आवृति का एक स्वरित्र द्विभुज, किसी प्यानो के कम्पमान तार के साथ प्रति सेकंड 4 विस्पन्द उत्पन्न करता है। प्यानो के तार पर थोड़ा सा तनाव बढ़ाने पर विस्पन्दों की आवृति 2 प्रति सेकंड हो जाती है। तनाव बढ़ाने से पहले प्यानो के तार की आवृति थी
Answer(d) पिआनो के तार की आवृति $=512 \pm 4=516$ या 508 जब तनाव बढ़ता है विस्पन्द की आवृति 2 हो जाती है। इसका अर्थ है तार की आवृति का मान $508 Hz$ होगा क्योंकि तनाव के साथ तार की आवृति बढ़ती है।
View full question & answer→Question 171 Mark
किसी अनुप्रस्थ तरंग को $, y = A \sin \ ( wt - kx )$ से निरूपित किया जाता है। तरंगदैध्य के किस मान के लिये तरंग $-$ वेग, अधिकतम कण $-$ वेग के बराबर होगा?
Answer$(c) \ y=A \sin \ (\omega t-k x)$
कण का वेग,
$ v_p=\frac{d y}{d t}=A \omega \cos\ (\omega t-k x)$
$\therefore v_{p \max }=A \omega $
तरंग वेग $=\frac{\omega}{k}$
$ \therefore A \omega=\frac{\omega}{k} $
i.e., $A=\frac{1}{k}$ लेकिन $k=\frac{2 \pi}{\lambda}$
$ \therefore \lambda=2 \pi A $
View full question & answer→Question 181 Mark
दो डोरियों की लम्बाइयाँ $51.6 \ cm$ और $49.1 \ cm$ हैं और इनमें से प्रत्येक में पृथक$-$पृथक $20 N$ बल का तनाव कार्य करता है। दोनों डोरियों का प्रति मात्रक लम्बाई द्रव्यमान समान है और यह $1 g / m$. है। जब एक ही समय दोनों डोरियाँ साथ$-$साथ कम्पन करती हैं तो स्पन्दन संख्या होगी $:-$
Answer$(a)$ डोरी के दोलन की आवृत्ति इस प्रकार दी जाती है,
$ F =\frac{1}{21} \sqrt{\frac{ T }{ m }} $
जहाँ $m$ द्रव्यमान प्रति इकाई लम्बाई होता है।
$ f _1 =\frac{1}{2 l_1} \sqrt{\frac{ T }{ m }}, f _2=\frac{1}{2 l_2} \sqrt{\frac{ T }{ m }},$
$f _2- f _1 =\frac{1}{2} \sqrt{\frac{ T }{ m }} \frac{\left( l _1-1_2\right)}{ l _1 1_2}$
$\sqrt{\frac{ T }{ m }} =\sqrt{\frac{20}{10^{-3}}}$
$=\sqrt{2} \times 10^2$
$=1.414 \times 100$
$ =141.4 $
$\frac{l_1-l_2}{1_1 l_2} =\frac{(51.6-49.1) \times 10^2}{51.6 \times 49.1}$
$ =\frac{2.5 \times 10^2}{50 \times 50}=\frac{1}{10} $
$\therefore f _2- f _1=\frac{1}{2} \times 141.4 \times \frac{1}{10}=7$ स्पंदन
View full question & answer→Question 191 Mark
एक डोरी में चलती तरंग का आयाम $2 \ cm$ है। यह तरंग $x-$ अक्ष की धन दिशा में $128 m / \sec$. की चाल से चल रही है और यह पाया गया है कि डोरी की $4 m$ की लम्बाई में $5$ पूरी तरंगें समा जाती हैं। तरंग सूचक समीकरण होगा:$-$
Answer$ A =2 \ cm , \frac{\omega}{ k }=128 ms ^{-1}, $
$5 \lambda=4, \lambda=\frac{4}{5} m$
$y= A \sin \ (k x-\omega t ),$
$k=\frac{2 \pi}{\lambda}=\frac{2 \pi \times 5}{4}$
$=\frac{31.4}{4}=7.85$
$y=0.02 m \sin\ (7.85 x-1005 t)$
$\omega=128 \times 7.85=1005 $
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एक कार $30$ मीटर/सेकण्ड की चाल से एक पहाड़ी की ओर चल रही है। उसका चालक $600\ Hz$ आवृत्ति का हार्न बजाता है। यदि वायु में ध्वनि की चाल $330$ मीटर/सेकण्ड हो तो चालक द्वारा सुनी गई परावर्तित ध्वनि की आवृत्ति होगी
Answer$(a)$ डोरी के दोलन की आवृत्ति इस प्रकार दी जाती है,
$ F =\frac{1}{21} \sqrt{\frac{ T }{ m }} $
जहाँ $m$ द्रव्यमान प्रति इकाई लम्बाई होता है।
$ f _1 =\frac{1}{2 l_1} \sqrt{\frac{ T }{ m }}, f _2=\frac{1}{2 l_2} \sqrt{\frac{ T }{ m }},$
$f _2- f _1 =\frac{1}{2} \sqrt{\frac{ T }{ m }} \frac{\left( l _1-1_2\right)}{ l _1 1_2}$
$\sqrt{\frac{ T }{ m }} =\sqrt{\frac{20}{10^{-3}}}$
$=\sqrt{2} \times 10^2$
$=1.414 \times 100$
$ =141.4 $
$\frac{l_1-l_2}{1_1 l_2} =\frac{(51.6-49.1) \times 10^2}{51.6 \times 49.1}$
$ =\frac{2.5 \times 10^2}{50 \times 50}=\frac{1}{10} $
$\therefore f _2- f _1=\frac{1}{2} \times 141.4 \times \frac{1}{10}=7$ स्पंदन
View full question & answer→Question 211 Mark
$I _1$ और $I _2$ तीव्रताओं की दो आवर्ती तरंगें एक स्थानसे एक ही समय एक ही दिशा में गुजरती हैं। अधिकतम और न्यूनतम तीव्रताओं का जोड़ होगा :
Answer$(a)$ किसी बिन्दु पर दो आवर्ती दोलनों का परिणामी तीव्रता $I = I _1+ I _2+2 \sqrt{ I _1 I _2} \cdot \cos \Phi$.
$I $ अधिकतम होगा यदि $\cos \Phi=+1$
$ \therefore I _{\max }= I _1+ I _2+2 \sqrt{ I _1 I _2} $
इसी प्रकार $, I$ न्यूनतम होगा यदि $\cos \Phi=-1$
$ \therefore I _{\min }= I _1+ I _2-2 \sqrt{ I _1 I _2}$
$\therefore I _{\max }+ I _{\min }$
$= I _1+ I _2+2 \sqrt{ I _1 I _2}+ I _1+ I _2-2 \sqrt{ I _1 I _2}$
$=2\left( I _1+ I _2\right) $
View full question & answer→Question 221 Mark
$y =0.25 \sin \ (10 \pi x -2 \pi t )$ समीकरण जिसमें $x$ और $y$ मीटरों में है और $t$ सेकण्ड में है, उस तरंग को व्यक्त करता है जिसका गतिपथ है:
Answer$(c)\ y =0.25 \sin\ (10 \pi x -2 \pi t )$
इस समीकरण की तुलना मानक तरंग $-$ समीकरण
$ y =\operatorname{a \sin}\ ( kx -\omega t )$ से करने पर,
$k =10 \pi$
$\Rightarrow \frac{2 \pi}{\lambda}=10 \pi$
$\Rightarrow \lambda=0.2$ मी
$\text { और } \omega=2 \pi$
$\Rightarrow 2 \pi v=2 \pi $
$\Rightarrow v=1 $ हर्ट्ज
कोष्ठक के भीतर का चिन्ह ऋणात्मक है; अतः तरंग धन $x-$ अक्ष की दिशा में गतिशील है।
View full question & answer→Question 231 Mark
एक कक्ष $A$ का रिभरवेरेशन काल एक सेकण्ड है। एक दूसरे कक्ष के सभी माप कक्ष $A$ की तुलना में दोगुने मान रखते हैं। इस दूसरे कक्ष का रिभरवेरेशन काल (सेकण्ड में) क्या होगा ?
Answer(d) $T _{ R }= k \frac{ V }{\alpha S }$
$V =$ ओडिटोरियम का आयतन
$S =$ पृष्ठ क्षेत्रफल
$
\begin{aligned}
T _{ R } & =\frac{ KV }{\alpha S }=1 \\
T _{ R } & =\frac{ K \ell^3}{6 \alpha \cdot \ell^2}
\end{aligned}
$
माना ओडिटोरियम घनाकार है।
$
T _{ R }=\frac{ K \ell}{6 \alpha} \Rightarrow T _{ R } \propto \ell
$
यदि $\ell$ दोगुना करें तो $T _{ R }$ भी दोगुना होगा।
$T _{ R }=2$ सेकंड
View full question & answer→Question 241 Mark
निम्न में कौन-सा कथन यथार्थ है?
Answer(a) ध्वनि तरंग अनुदैर्ध्य तथा प्रकाश तरंग अनुप्रस्थ होती है।
View full question & answer→Question 251 Mark
क्रमशः $5.0$ मी और $5.5$ मी तरंगदैर्ध्य की दो ध्वनि तरंगें 330 मी/से के वेग से एक गैस में चल रही है। हम आशा कर सकते हैं कि प्रति सेकण्ड विस्पन्दों की संख्या होगी:
Answer(c) $v _1=\frac{330}{5} ; v _2=\frac{330}{5.5}$
$
v _1=66 ; v _2=60
$
विस्पंद आवृति $= v _1- v _2=66-60=6$ विस्पंद
View full question & answer→Question 261 Mark
$x$-अक्ष के साथ चल रही एक अनुप्रस्थ तरंग को निम्न समीकरण द्वारा व्यक्त किया जा सकता है:
$
y ( x , t )=8.0 \sin \left(0.5 \pi x -4 \pi t -\frac{\pi}{4}\right)
$
जहाँ $x$ का मान मीटर में और $t$ का सेकण्ड में है। इस तरंग की चाल होगी:
Answer(c) तरंग की चाल को निम्न समीकरण द्वारा प्रदर्शित किया जा सकता है
$y ( x , t )= A \sin ( kx -\omega t +\phi)$ is $v =\frac{\omega}{ k }$
तुलना करने पर $\omega=4 \pi ; k =0.5 \pi$
$
v =\frac{\omega}{ k }=\frac{4 \pi}{0.5 \pi}=8 m / sec
$
View full question & answer→Question 271 Mark
दो कम्पित स्वरित्र प्रगामी तरंगें उत्पन्न करते हैं जो क्रमशः हैं
$y _1=4 \sin 500 \pi t$ और $y _2=2 \sin 506 \pi t$.
प्रति मिनट उत्पन्न विस्पंदों की संख्या है:
Answer(b) $y = A \sin 2 \pi ft$
$y _1=4 \sin 500 \pi t$
$y _2=2 \sin 506 \pi t$
तुलना करने पर
$2 f _1=500 \Rightarrow f _1=250$
$2 f _2=506 \Rightarrow f _2=253$
विस्पंद $= f _2- f _1=253-250=3$ विस्पंद/सेकंड
$=3 \times 60=180$ विस्पंद/मिनट
View full question & answer→Question 281 Mark
एक बिन्दु स्रोत अवशोषण रहित माध्यम में सभी दिशाओं में समान रूप से ध्वनि उत्पन्न करता है। दो बिन्दु $P$ और $Q$ स्रोत से क्रमशः 2 मीटर तथा 3 मीटर दूरियों पर है। बिन्दुओं $P$ व $Q$ पर तंरगों की तीव्रताओं का अनुपात है:
Answer(c)
क्षेत्रफल $\propto r ^2 \Rightarrow I \propto \frac{1}{ r ^2}$
$
\frac{ I _1}{ I _2}=\left(\frac{ r _2}{ r _1}\right)^2=\frac{3^2}{2^2}=\frac{9}{4}
$
View full question & answer→Question 291 Mark
एक कार एक ऊँची चोटी की ओर गति कर रही है। कार चालक आवृत्ति $f$ का हार्न बजाता है। चालक द्वारा सुनी गयी परावर्तित ध्वनि की आवृत्ति $2 f$ है। यदि ध्वनि का वेग $v$ है, तो समान मात्रक में कार का वेग होगा:
Answer$(c)$ माना खम्बों पर ध्वनि की आवृति $f^{\prime}$ है।
$ f^{\prime}=\frac{v f}{v-v_c} $
परावर्तन के बाद
$ 2 f^{\prime}=\frac{f^{\prime}\left(v+v_c\right)}{v}$
$2 f^{\prime}=\frac{\left(v+v_c\right) f}{v-v_c} $
$2 v -2 v _{ c }= v + v _{ c }$
$\frac{ v }{3}= v _{ c }$
View full question & answer→Question 301 Mark
निम्नलिखित दो तरंगों $ y _1=10^{-6} \sin \{100 t+( x / 50)+0.5\} m$
$y _2=10^{-6} \cos \{100 t+( x / 50)\} m $ के बीच कलान्तर जहाँ $x$, मीटर में तथा $t$ सेकण्ड में है, लगभग है:
Answer$(b)\ y _1=10^{-6} \sin (100 t + x / 50+0.5) m$
$=10^{-6} \cos (100 t + x / 50-\pi / 2+0.5) m$
$y _2=10^{-6} \cos (100 t + x / 50) m$
$\therefore \phi=\pi / 2-0.5=1.07 $
View full question & answer→Question 311 Mark
एक प्रेक्षक ध्वनि की वेग की $1 / 5$ वेग से स्थिर स्रोत की ओर बढ़ रहा है। स्रोत द्वारा उत्पन्न ध्वनि की तंरगदैर्ध्य व आवृत्ति क्रमशः $\lambda$ और $f$ है। प्रेक्षक द्वारा प्रेक्षित आभासी तरंगदैर्ध्य व आवृत्ति होगी:
Answer(c) $N ^{\prime}=\left(\frac{ u +\frac{ u }{5}}{ u }\right) N =\frac{6}{5} N$
View full question & answer→Question 321 Mark
प्रणोदित दोलनों की स्थिति में, अनुनादी तरंग बहुत तीव्र हो जाती है, जब:
Answer(b) यदि बल कम होगा तो अनुनादी तरंग बहुत तीक्ष्ण होगी।
View full question & answer→Question 331 Mark
एक आगामी तरंग $x-$ अक्ष की धनात्मक दिशा में चलती है। इसका आयाम $0.2\ m$, वेग $360$ मी/सेकंड तथा तंरदैर्ध्य $60\ m$ है। इसकी समीकरण होगी $-$
Answer$ v = n \lambda$
$a =0.2 $
$\Rightarrow n =\frac{ v }{\lambda}$
$=\frac{360}{60}=6 $
धनात्मक $x-$ अक्ष के अनुदिश गति करती तरंग के लिए
$ y = a \sin \ (\omega t- kx )$
$= a \sin\ \left(2 \pi nt -\frac{2 \pi x }{\lambda}\right)$
$= a \sin 2\ \pi\left( nt -\frac{ x }{\lambda}\right)$
$=0.2 \sin 2\ \pi\left(6 t -\frac{ x }{60}\right) $
View full question & answer→Question 341 Mark
एक सीटी की आवृत्ति $385$ हर्टज है इसे $50$ सेमी त्रिज्या के क्षैतिज वृत्त में $20$ रेडियन/सेकंड के कोणीय वेग से घुमाया जाता है। श्रोता को कितनी न्यूनतम आवृत्ति सुनायी देगी जब वह केन्द्र से अधिकतम दूरी पर हो। हवा में ध्वनि का वेग $340$ मी/सेकंड है।
Answer$(c)$ स्रोत का वेग
$ v _{ s }= r \omega=0.50 \times 20$
$=10 \ ms ^{-1}$
$N ^{\prime}=\frac{ v }{ v + v _{ s }} N $
$=\frac{340 \times 385}{340+10}=374 Hz $
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एक तरंग $y =10^{-4} \sin \left[100 t -\frac{ x }{10}\right]$ से प्रदर्शित होती है। तरंग का वेग होगा-
Answer(d) $y=10^{-4} \sin \left[100 t -\frac{ x }{10}\right]$
$v =100$ प्रति सेकंड, $\lambda=10$ मीटर
$v =\lambda v =10 \times 100=1000$ मी/सेकंड
View full question & answer→Question 361 Mark
एक तार का द्रव्यमान $0.033$ किग्रा तथा लम्बाई 7 मीटर है। यदि तार में तनाव $60.5 N$ हो तो तरंग का वेग होगा
Answer(c) दिया है : लम्बाई $(l)=7$ मीटर
द्रव्यमान $( M )=0.035$ किग्रा और तनाव $( T )=60.5 N$.
हम जानते हैं कि रस्सी के लिए द्रव्यमान प्रति इकाई
लम्बाई $( m )=\frac{0.035}{7}=0.005$ किग्रा/मीटर
और तरंग वेग $=\sqrt{\frac{ T }{ m }}=\sqrt{\frac{60.5}{0.005}}=110$ मी/सेकंड.
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एक श्रोता तथा स्रोत एक दूसरे से $100$ मी/सेकंड $($पृथ्वी के सापेक्ष$)$ से दूर जा रहे हैं। यदि श्रोता को स्रोत से निकलने वाली आवृत्ति $1950$ हर्टज सुनायी पड़ती है तो स्रोत की वास्तविक आवृत्ति क्या होगी? $\left( V _{ s }=340\right.$ मी/सेकंड $)$
Answer$(b)$ डाप्लर प्रभाव के अनुसार
$ n ^{\prime}=\left(\frac{ v - v _0}{ v - v _{ s }}\right) n $
$=\left(\frac{340-10}{340+10}\right) n$
$=\frac{330}{350} \times 1950=2068 $ हर्ट्ज
View full question & answer→Question 381 Mark
दो ध्वनि स्रोत $\lambda$ तरंगदैर्ध्य की ध्वनि निकालते है जबकि ये एक दूसरे से नियत दूरी पर है। एक श्रोता वेग $u$ से दोनों स्रोतों को जोड़ने वाली रेखा पर चलता है। श्रोता को कितनी विस्पंद/सेकन्ड सुनाई देगी?
Answer(b) $N ^{\prime}=\frac{ v - u }{ v } \times N \Rightarrow \frac{ v - u }{ v } \times \frac{ v }{\lambda}=\frac{ v - u }{\lambda}$
$
N ^{\prime \prime}=\frac{ v + u }{ v } \cdot \frac{ v }{\lambda}=\frac{ v + u }{\lambda}
$
विस्पंदों की संख्या $= N ^{\prime \prime}- N ^{\prime}$
$
=\frac{ v + u }{\lambda}-\frac{( v - u )}{\lambda}=\frac{2 v }{\lambda}
$
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यदि एक तार को तीन हिस्सों में बांटे तो उनकी मूल आवृत्तियां $n _1, n _2 \ n _3$ है तथा पूरे तार की मूल आवृत्ति $n$ है तो $-$
Answer
$ n =\frac{1}{2 l} \sqrt{\frac{ T }{ m }} $
या $n \propto \frac{1}{l}$
या $n l=$ नियतांक, $K$
$\therefore n _1 l_1= K$,
$n _2 l_2= K , n _3 l_3= K$
Also $, l=l_1+l_2+l_3$
$ \frac{ K }{ n }=\frac{ K }{ n _1}+\frac{ K }{ n _2}+\frac{ K }{ n _3}$
$\frac{1}{ n }=\frac{1}{ n _1}+\frac{1}{ n _2}+\frac{1}{ n _3} $ View full question & answer→Question 401 Mark
दो तरंग जिनकी लम्बाई $50$ सेमी तथा $51$ सेमी है एक साथ $12$ विस्पंद/सेकन्ड बनाती है तो ध्वनि का वेग होगा
Answer$(a) $ दिया है: पहली तरंग की तरंगदैर्ध्य $\left(\lambda_1\right)$
$=50$ सेमी $=0.5$ मीटर
दूसरी तरंग की तरंगदैध्ध्य $\left(\lambda_2\right)$
$=51$ सेमी $=0.51$ मीटर
प्रति सेकंड विस्पंदो की आवृत्ति $( n )=12$.
हम विस्पंदो की आवृत्ति जानते हैं
$ \text { (n) }=12=\frac{ v }{\lambda_1}-\frac{ v }{\lambda_2}$
$\Rightarrow 12= v \left[\frac{1}{0.5}-\frac{1}{0.51}\right]$
$= v [2-1.9608]= v \times 0.0392$
or $v =\frac{12}{0.0392}=306 \ m/s $
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Answer(b) यदि बाह्य बल की आवृत्ति वास्तविक आवृत्ति के बराबर हो तो दोलनों का आयाम अधिकतम होता है। इसे ही अनुनाद कहते है। अतः अनुनाद बलीय दोलन का उदाहरण है।
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एक गाड़ी के हॉर्न की आवृति $n$ है तथा यह श्रोता तथा गाड़ी को जोड़ने वाली रेखा के लम्बवत 30 मी/सेकंड से चलता है। श्रोता को आवृत्ति $n + n _1$ सुनायी देती है (जबकि ध्वनि का वेग हवा में 330 मी./से है) तो-
Answer(b) श्रोता तथा स्रोत एक सरल रेखा में एक दूसरे से दूर नहीं जाते; अतः डॉप्लर प्रभाव नहीं होगा।
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एक अनुप्रस्थ तरंग $y = y _0 \sin \frac{2 \pi}{\lambda}( vt - x )$ से प्रदर्शित होती है। $\lambda$ के किस मान के लिए कण का वेग तरंग के वेग का दोगुना होगा?
Answer(d) $y = y _0 \sin \frac{2 \pi}{\lambda}( vt - x )$
कण का वेग
$
\frac{d y}{d t}=y_0 \times \frac{2 \pi}{\lambda} v \cos \frac{2 \pi}{\lambda}( vt - x )
$
कण का अधिकतम वेग $= y _0 \times \frac{2 \pi v }{\lambda}$
तरंग वेग $=2 v$ [दिया है]
अत: $y _0 \times \frac{2 \pi v }{\lambda}=2 v$
$
\lambda=\pi \cdot y _0
$
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एक द्रव्यमान $m$ एक भारहीन स्प्रिंग से ऊधर्व्वाधर लटका है। यह $n$ आवृत्ति से दोलन करता है। इसकी आवृत्ति क्या होगी यदि द्रव्यमान बदलकर $4 \ m$ कर दिया जाए?
Answer$ n =\frac{1}{2 \pi} \sqrt{\frac{ k }{ m }}$
$n ^{\prime}=\frac{1}{2 \pi} \sqrt{\frac{ k }{4 m }}$
$=\frac{1}{2 \pi} \cdot \frac{1}{2} \sqrt{\frac{ k }{ m }}=\frac{ n }{2}$
$n ^{\prime}=\frac{ n }{2} $
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एक ज्या तरंग को अधिकतम विस्थापन से 0 विस्थापन तक जाने में $0.170$ सेकंड लगते है; इसकी आवृति होगी
Answer(a) अधिकतम से 0 विस्थापन के लिए समय $=\frac{ T }{4}$
$T =4 \times 0.170$ सेकंड
$
n =\frac{1}{ T }=\frac{1}{4 \times .170}=1.47 Hz
$
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एक स्थायी तरंग के दो अणुओं के बीच की दूरी $1.21 Å$ है। यदि उसमें 3 निस्पंद व 2 प्रस्पंद बनते है तो तरंग की तरंग दैर्ध्य होगी:
Answer(a) $\ell=\frac{\lambda}{2} \times 2=\lambda \quad$ तरंगदैध्ध्य, $\lambda=\ell=1.21 Å$
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एक आगामी तरंग $y =60 \cos (180 t -6 x )$ से प्रदर्शित होती है। जहां $y$ माइक्रॉन $t$ सेकंड व $x$ मीटर में है। अधिकतम कण वेग तथा तरंग वेग का अनुपात होगा$-$
Answer$(b) y=60 \cos (180 t-6 x)$
$ \omega=180 ; k =6 $
$\Rightarrow \frac{2 \pi}{\lambda}=6$
$v =\frac{\omega}{ k }=\frac{2 \pi}{ T } \cdot \frac{\lambda}{2 \pi}=\frac{180}{6}=30 m/s $
$(1)$ समी. का अवकलन करने पर
$ v =\frac{ dy }{ dt }=-60 \times 180 \sin\ (180 t -6 x ) $
$v _{\max }=60 \times 180$ माइक्रो मी/सेकंड $=10800$ माइक्रो मी/सेकंड
$ v _{\max }=0.0108\ m/s$
$\frac{ v _{\max }}{ v }=\frac{0.0108}{30}=3.6 \times 10^{-4} $
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एक बंद आर्गन पाइप $P _1$ का पहला अधिस्वरक तथा खुले आर्गन पाइप $P _2$ का तीसरा अधिस्वरक अनुनाद में है। $P _1$ तथा $P _2$ की लम्बाईयों का अनुपात होगा
Answer(c) पहले अधिस्वरक के लिए बंद पाईप की लम्बाई $\ell_1=3 \lambda / 4$
तथा खुले पाईप में तीसरे अधिस्वरक के लिए पाईप की लम्बाई $\ell_2=\frac{4 \lambda}{2}=2 \lambda$
अत: $\frac{\ell_1}{\ell_2}=\frac{3 \lambda}{4 \times 2 \lambda}=\frac{3}{8}$.
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एक खुले आर्गन पाइप की हवा में मूल आवृति $f$ है। यदि इस पाईप को ऊध्ध्वाधर आधा पानी में डुबो दिया जाए तो इसकी मूल आवृति होगी-
Answer(c) खुले पाईप के लिए मूल आवृत्ति $f =\frac{ v }{2 \ell}$
यदि आधी ट्यूब में पानी भर दिया जाए तो $\ell^{\prime}=\frac{\ell}{2}$
$f ^{\prime}=\frac{ v }{4 \ell^{\prime}}=\frac{ v \cdot 2}{4 \ell}=\frac{ v }{2 \ell} \quad$ अत $: f = f ^{\prime}$
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एक माध्यम में तरंग का वेग 960 मी/सेकंड है। यदि किसी बिन्दु से 1 मिनट में 3600 तरंग गुजरती है तो उसकी तरंगदैर्ध्य होगी-
Answer(c) तरंग की दी हुई गति $( v )=960$ मी/सेकंड
तरंग का आयाम $( f )=3600 /$ मिनट $=\frac{3600}{60}$ चक्कर/सेकंड $=60$ चक्कर/सेकंड
तरंगो का तरंगदैर्ध्य $(\lambda)=\frac{ v }{ f }=\frac{960}{60}=16 m$.
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दो तरंग समान आवृत्ति तथा समान तीव्रता की है, एक दूसरे के साथ व्यतिकरण करती है। ये एक दूसरे की विपरीत कला में है। व्यतिकरण के बाद तीव्रता तथा आवृत्ति
Answer(c) जहां परिणामी तीव्रता अधिकतम होगी वहां दीप्त व्यतिकरण होगा तथा जहां परिणामी तीव्रता न्यूनतम होगी वहां विनाशी व्यतिकरण होगा। अतः सुपरपोजिशन के बाद आवृत्ति तथा तीव्रता नियत रहेगी।
View full question & answer→Question 521 Mark
दो ध्वनि तरंगों के बीच कलान्तर $60^{\circ}$ है तो इनका पथान्तर होगा $-$
Answer$ \Delta \phi=60^{\circ}=\frac{\pi}{3}$
$\Delta \phi=60^{\circ}=\frac{\pi}{3}$
$=\frac{\lambda}{2} \times \frac{\pi}{3}=\frac{\lambda}{6} $
View full question & answer→Question 531 Mark
एक तारे में से $5000 \mathring A $ की तरंगे आती है जो पृथ्वी पर $1.50 \times 10^6$ मी/सेकंड से पहुंचती है। पृथ्वी पर पहुंचते हुए इसकी तरंग दैर्ध्य में क्या अंतर होगा?
Answer$(c)$
$ \lambda=5000 \mathring A ; v =1.5 \times 10^6 $मी/सेकंड
$\lambda^{\prime}=\lambda \frac{ c - v }{ c } $
$\frac{\lambda^{\prime}}{\lambda}=\frac{ c - v }{ c }=1-\frac{ v }{ c }$
$\frac{ v }{ c }=1-\frac{\lambda^{\prime}}{\lambda}=\frac{\lambda-\lambda^{\prime}}{\lambda}=\frac{\Delta \lambda}{\lambda}$
$\Delta \lambda=\lambda \times \frac{ v }{ c }$
$=5000 \times \frac{1.5 \times 10^6}{3 \times 10^8}=25 \mathring A$
View full question & answer→Question 541 Mark
आर्र्रता बढ़ाने पर ध्वनि तरंगों पर क्या प्रभाव होता है?
Answer(a) $v =\sqrt{\frac{ YRT }{ M }}$
आद्रर्ता होने से अणुभार घटेगा अतः वेग बढ़ेगा।
View full question & answer→Question 551 Mark
एक ध्वनि तरंग की समी. $y =0.0015 \sin (62.4 x +316)$ है। इसकी तरंगदैर्ध्य होगी-
Answer(d) $y =0.0015 \sin (62.4 x +316 t )$
$y = a \sin (\omega t + kx )$ से तुलना करने पर
$\omega=316 ; k =62.4$
$\Rightarrow k =\frac{2 \pi}{\pi}=62.4 \Rightarrow \lambda=0.1$ इकाई
View full question & answer→Question 561 Mark
एक माध्यम में तरंग का वेग $760$ मीटर है। यदि किसी बिन्दु से $2$ मिनट में $3600$ तरंग गुजरती हो तो इसका तरंगदैर्ध्य होगा $-$
Answer$(b)\ v =760$ मी/सेकंड
तरंगों की संख्या $=3600$
समय $t =2$ मिनट $=120$ सेकंड
$ v =\frac{3600}{120}=30$ हर्ट्ज
$\lambda=\frac{ v }{ v }=\frac{760}{30}=25.3$ मी.
View full question & answer→Question 571 Mark
एक अस्पताल में ट्यूमर को जाँचने के लिए अल्ट्रा सोनिक स्कैनर लगाया जाता है। स्कैनर की आवृति $4.2$ $MHZ$ है तथा ध्वनि की आवृत्ति $1.7$ किमी/सेकंड है तो ध्वनि की तरंग दैर्ध्य होगी-
Answer(a) $v =4.2$ मेगा हर्ट्ज $=4.2 \times 10^6$ हर्ट्ज
$v =1.7 \times 103$ मी/सेकंड
$
\lambda=\frac{ v }{ v }=\frac{1.7 \times 10^3}{4.2 \times 10^6}=4 \times 10^{-4} \text { मी. }
$
View full question & answer→Question 581 Mark
एक ध्वनि के स्रोत को जब दूसरे स्रोत $( f =100 Hz )$ के साथ ध्वनित किया जाता है तो वह 5 विस्पंद/सेकंड बनाता है। यदि दूसरे स्रोत की आवृत्ति 205 हर्टज कर दी जाए तो यह 5 विस्पंद/सैकंड बनाता है। तो पहले स्रोत की आवृत्ति क्या होगी?
Answer(c) पहले स्रोत की आवृति ( 5 विस्पंद/सेकंड) $=100$ हर्ट्ज
दूसरे स्रोत की आवृति ( 5 विस्पंद/सेकंड) $=205$ हर्ट्ज
पहले स्रोत की आवृति $=100 \pm 5=105=95$ हर्ट्ज
स्रोत के दूसरे हारमोनिक की आवृति $=210$ हर्ट्ज या 190 हर्ट्ज
दूसरा हारमोनिम 5 विस्पंद/सेकंड बनाता है अतः ध्वनि की आवृत्ति 205 हर्ट्ज होगी। दूसरे हारमोनिक स्र्रोत वाले की आवृत्ति 105 हर्ट्ज होगी।
View full question & answer→Question 591 Mark
एक तरंग की समी. $y =0.5 \sin \frac{2 \pi}{3.2}(64 t - x )$ है। इस तरंग की आवृत्ति होगी-
Answer(c) $y=0.5 \sin \frac{2 \pi}{3.2}(64 t - x )$
$y=a \sin \frac{2 \pi}{\lambda}(v t-x)$ से तुलना करने पर $v =64 ; \lambda=3.2$
$
\therefore \quad v =\frac{64}{3.2}=20 Hz \text {. }
$
View full question & answer→Question 601 Mark
दो तरंग एक दूसरे की तरफ 20 मी/सेकंड से आती है। उनकी आवृत्ति $n$ है। दो लगातार नोड्स के बीच की दूरी है
Answer(b) दो निरन्तर निस्पंदो के बीच की दूरी $=\frac{\lambda}{2}$
$=\frac{ v }{2 n }=\frac{20}{2 n }=\frac{10}{ n }$
View full question & answer→Question 611 Mark
दो तरंग कौहेरेन्ट होगी जब
Answer(c) जिन दो तरंगों की आवृति, कला तथा आयाम एक समय या स्थान पर समान हो वे कोहैरेन्ट तरंग होती है।
View full question & answer→Question 621 Mark
एक खिंचे तार में बनी तरंग की आवृत्ति 100 हर्टज है, जबकि वह दृढ़ सिरे की ओर चलती है। जब ये तरंग परावर्तन के बाद वापस आती है तो दृढ़ सिरे से 10 सेमी दूरी पर एक नोड बनती है। तरंग वेग का मान होगा।
Answer(c) दृढ़ सिरों पर निस्पंद बनेगी
अतः दो निस्पंदों के बीच की दूरी $=\frac{\lambda}{2}=10$
$\Rightarrow \lambda=20=0.2$ सेमी
$v=v \lambda=100 \times 0.2=20$ मी/सेकंड
View full question & answer→Question 631 Mark
एक स्थायी तरंग $y = a \sin (100 t ) \cos (0.01 x )$ से प्रदर्शित की जाती है। जहां $y$ तथा $A$ मिमी में, $t$ सेकंड में तथा $x$ में है तो तरंग का वेग होगा-
Answer(a) तरंग समीकरण $y = A \sin (\omega t ) \cos ( kx )$;
$c =\omega / k =100 / 0.01=10^4$ मी/से.
View full question & answer→Question 641 Mark
निम्न में से कौन-सी समीकरण एक तरंग को प्रदर्शित करता है?
Answer(c) $y = A \sin ( at - bx + c )$ एक तरंग समी. को प्रदर्शित करती है जहां $a , \omega$ को प्रदर्शित है तथा $b , k$ को प्रदर्शित करता है।
View full question & answer→Question 651 Mark
एक तरंग जो सरल आवर्तगति करती है उसका आवर्तकाल 4 सेकंड तथा दूसरी तरंग का आवर्तकाल 3 सेकंड है। यदि दोनों तरंगों का संयोजन कर दिया जाये तो इस नयी तरंग का आवर्तकाल क्या होगा-
Answer(c) विस्पंद बनेगी। विस्पंद आवृत्ति $=\frac{1}{3}-\frac{1}{4}=\frac{1}{12}$
अतः समयकाल $=12$ सेकंड
View full question & answer→Question 661 Mark
किस ताप पर ध्वनि का वेग इसके $27^{\circ} C$ ताप पर वेग का दोगुना होगा
Answer(c) $c \propto \sqrt{T}$
View full question & answer→Question 671 Mark
एक खींचा हुआ तार स्वरित्र के साथ 512 हर्टज आवत्ति के दोलन करता है जबकि तार की लम्बाई $0.5$ मीटर है। यदि आवृत्ति 256 हर्टज हो तो तार की लम्बाई का मान होगा।
Answer(d) $f =\frac{1}{2 \ell}\left[\frac{ T }{\mu}\right]^{\frac{1}{2}}$
यदि $f$ आधी करनी हो तो लम्बाई को दोगुना करना होगा।
View full question & answer→Question 681 Mark
एक $z=4.0 \cos [2000 t+.80]$ ज्यातरंग की आवृति होगी-
Answer(d) $z = A \cos (2 \pi vt +\phi)$ से तुलना करने पर $2 \pi v=2000$
View full question & answer→Question 691 Mark
विस्पंद के बनने के लिए दो स्रोतों की
Answer(b) विस्पंद के बनने के लिए भिन्न आवृतियों का होना आवश्यक होता है। भिन्न आयाम केवल विस्पंद के न्यूनतम व अधिकतम आयामों के जिम्मेदार है तथा भिन्न कलाएं समयान्तर के लिए जिम्मेदार है।
View full question & answer→Question 701 Mark
जब किसी माध्यम में अनुप्रस्थ तरंग चलती है तो कौन-सी विशेषता तरंग की चलने की दिशा में होगी
Answer(b) अनुदैर्ध्य तरंगों में केवल ऊर्जा का स्थानान्तरण होता है।
View full question & answer→Question 711 Mark
दो ट्रेन एक दूसरे की ओर समान वेग से आ रही है। ध्वनि का वेग $340$ मी/सेकंड है। यदि एक की सीटी की आवाज दूसरी ट्रेन को $9 / 8$ गुना सुनाई देती हो तो ट्रेनों का वेग होगा $-$
Answer$(a)$ यहाँ $v^{\prime}=\frac{9}{8} v$ स्रोत और श्रोता दोनों विपरीत दिशाओं में गति कर रहे हैं।
अत: $v^{\prime}=v \times \frac{( v + u )}{( v - u )}$
$ \frac{9}{8} v=v \times \frac{340+ u }{340- u }$
$\Rightarrow 9 \times 340-9 u $
$=8 \times 340+8 u$
$\Rightarrow 17 u =340 \times 1 $
$\Rightarrow u =\frac{340}{17}=20 m/s $
View full question & answer→Question 721 Mark
एक बंद आर्गन पाइप (एक सिरे पर बंद पाइप) मे तीसरी अधि-स्वरक बनती है। इसे पाईप में बनेगी
Answer(d) तीसरी अधिस्वरक की आवृति $7 n$ होगी।
$\therefore L =\frac{7 \pi}{4}=$ तीन पूरे लूप $+$ एक आधा लूप
अतः चार नोड एवं चार एन्टीनोड होगा।
View full question & answer→Question 731 Mark
एक अनुदैर्ध्य तरंग $y =4 \sin \frac{\pi}{6} \sin \ (3 x -15 t )$ द्वारा प्रदर्शित होती है। तो
Answer$(c)$ मानक समीकरण से तुलना करने पर
$ y = r \sin \left[\frac{2 \pi x }{\lambda}-\frac{2 \pi t }{ T }\right]$
$\frac{2 \pi}{\lambda}=3, \lambda=\frac{2 \pi}{3} \text { और } \frac{2 \pi}{ T }=15$
$T =\frac{2 \pi}{15} $
चाल $v =\frac{\lambda}{ T }=\frac{2 \pi / 3}{2 \pi / 15}=5$
View full question & answer→Question 741 Mark
हवा में ध्वनि की चाल $330$ मी/सेकंड है। किसी ध्वनि के लिए पथान्तर $40$ सेकंड तथा कलान्तर $1.6 \pi$ है। इसकी आवृति होगी $-$
Answer$ \Delta x =\frac{\lambda}{2 \pi} \Delta \phi,$
$\lambda=2 \pi \frac{\Delta x }{\Delta \phi}$
$=\frac{2 \pi(0.4)}{1.6 \pi}=0.5 m$
$f =\frac{ v }{\lambda}=\frac{330}{0.5}=660 Hz $
View full question & answer→Question 751 Mark
एक तार $5.5$ मीटर लम्बा तथा उसका द्रव्यमान $0.035$ किग्रा है। यदि तार में तनाव $77 N$ हो तो तार में तरंग का वेग होगा
Answer(a) $m =\frac{0.035}{5.5} kg / m , T =77 N$
$
v =\sqrt{\frac{ T }{ m }}=\sqrt{\frac{77 \times 5.5}{0.035}}=110 m / s
$
View full question & answer→Question 761 Mark
यदि ध्वनि का आयाम दोगुना तथा आवृति एक चौथाई कर दी जाए तो ध्वनि की तीव्रता
Answer(c) तीव्रता $\propto$ (आयाम $)^2 \propto$ (आवृत्ति $)^2$
अतः तीव्रता $\frac{2^2}{4^2}=\frac{1}{4}$ th
View full question & answer→Question 771 Mark
एक आगामी तरंग निम्न समीकरण द्वारा प्रदर्शित की जाती है $ y =4 \sin \left[\pi\left(\frac{ t }{5}-\frac{ x }{9}\right)+\frac{\pi}{6}\right] $ निम्न में से कौन-सा कथन सत्य है?
Answer$(b)$ एक आगमी तरंग की समी.
$ y=a \sin \left[2 \pi\left(\frac{t}{T}-\frac{x}{\lambda}\right)+\phi\right]$
$y=4 \sin \left[2 \pi\left(\frac{t}{10}-\frac{x}{18}\right)+\frac{\pi}{6}\right]$
$\therefore a=4 sm \ T=10 s$
$\lambda=18 sm \ d=\pi / 6 $
View full question & answer→Question 781 Mark
गैसों में ध्वनि का वेग किस बात पर निर्भर करता है?
Answer(b) किसी गैस में ध्वनि का वेग गैस के घनत्व तथा प्रत्यास्थता पर निर्भर करता है। अतः तीव्रता $\frac{2^2}{4^2}=\frac{1}{4}$ th
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